मैं ख़्वाब लिखूंगा कि प्यार कैसे बर्बाद होता है
सुकून ढूँढने चले थे नींद ही गवां बैठे!
तेरा ख्वाब ही अब मेरी हर रात का असर है।”
इस जालिम से छुटकारा पाओ आज इसने एक और आशिक पाला है۔
ना शिकायत है ना कोई गिला,बस अब अकेले जीना भी लगने लगा है सिला।
विश्वास तब से एक मूर्ति का पुजारी बन गया۔
उस इंसान को खुश रखे जिसे आप रोज आईने में देखते है! ❤️
हुस्न वाले जब ♀️तोड़ते हैं दिल किसी का# !#बड़ी मासूमियत से कहते हैं# मजबूर थे हम
फिर भी चुप हूँ क्यूंकि ये मेरे पापा के दिए संस्कार हैं।
जिंदगी पर एक किताब लिखूंगा, उसमें सारे हिसाब लिखूंगा
इतना भी याद न आया करो की रात भर सो ना सके,
पत्थरों से टकरा कर सीखा है राहों से गुजरना
रास्ते खुद निकल आते हैं साथ चलने के लिए।
पुराण साल सबसे हो रहा है दूर,क्या करे यही हैं कुदरत का दस्तूर,बीती यादें Trending Shayari सोच कर उदास ना हो तुम,करो खुशियों के साथ नए साल को मंजूर.